नक्षत्र कैलकुलेटर: जन्म नक्षत्र, राशि और नाम का अक्षर
सीधा जवाब
नक्षत्र कैलकुलेटर जन्म के क्षण चंद्रमा की निरयन स्थिति निकालकर बताता है कि चंद्रमा 27 में से किस नक्षत्र और उसके किस चरण में था। उसी से चंद्र राशि और नाम का पहला अक्षर भी मिलता है। ऊपर तारीख़, समय और शहर भरकर नतीजा देखें।
मुख्य बातें
- 27 नक्षत्र, हर एक के 4 चरण: कुल 108 चरण, और हर चरण का एक अक्षर।
- गणना लाहिरी अयनांश से होती है, जो भारत सरकार के पंचांग की भी पद्धति है।
- चंद्रमा एक नक्षत्र लगभग एक दिन में पार करता है, इसलिए जन्म का सही समय ज़रूरी है।
- आपकी जानकारी कहीं नहीं भेजी जाती: पूरी गणना आपके ब्राउज़र में होती है।
नक्षत्र कैलकुलेटर कैसे काम करता है
आकाश में चंद्रमा के रास्ते को 27 बराबर हिस्सों में बाँटा गया है। हर हिस्सा 13 अंश 20 कला का होता है और उसे नक्षत्र कहते हैं। हर नक्षत्र के फिर चार बराबर हिस्से होते हैं, जिन्हें चरण या पाद कहते हैं, और एक चरण 3 अंश 20 कला का होता है। इसी तरह पूरा चक्र 30-30 अंश की 12 राशियों में भी बँटा है।
कैलकुलेटर चार कदमों में काम करता है। पहला, आपकी तारीख़ और समय को उस शहर के समय क्षेत्र के हिसाब से एक सटीक क्षण में बदला जाता है; विदेश के शहरों में उस दिन की डेलाइट सेविंग भी गिनी जाती है। दूसरा, astronomy-engine से उस क्षण चंद्रमा की स्थिति निकाली जाती है। तीसरा, उसमें से लाहिरी अयनांश घटाकर निरयन स्थिति मिलती है, जो भारतीय पंचांग में काम आती है। चौथा, उस स्थिति को 13 अंश 20 कला से भाग देकर नक्षत्र, बचे हिस्से से चरण, और 30 अंश से भाग देकर राशि निकाली जाती है।
सूत्र सीधा है: नक्षत्र संख्या = (चंद्रमा की निरयन स्थिति ÷ 13.333) का पूर्णांक + 1, और राशि संख्या = (निरयन स्थिति ÷ 30) का पूर्णांक + 1। चंद्रमा की स्थिति शहर बदलने से लगभग नहीं बदलती, क्योंकि ये भूकेंद्रीय मान हैं। शहर का असर केवल समय क्षेत्र के ज़रिए पड़ता है।
नाम के अक्षर अवकहड़ा चक्र की परंपरा से हैं, जैसे vedicfeed.com और dekhopanchang.com ने छापे हैं। ये दोनों सूचियाँ आर्द्रा के चौथे चरण और श्रवण के चरणों को छोड़कर मेल खाती हैं; उन दो जगहों पर हम दोनों रूप दिखाते हैं। अगर किसी का जन्म चरण बदलने के बहुत पास हुआ हो, तो कैलकुलेटर चेतावनी देता है, क्योंकि तब 15 मिनट का अंतर भी नतीजा बदल सकता है।
नक्षत्र निकालने के तीन उदाहरण
उदाहरण 1: 15 अगस्त 1990, 06:30, दिल्ली
- इस क्षण लाहिरी अयनांश 23.726° है, और चंद्रमा की निरयन स्थिति 46.553° है।
- 46.553 ÷ 13.333 = 3.491, पूर्णांक 3, इसलिए नक्षत्र संख्या 4: रोहिणी।
- नक्षत्र में बीता हिस्सा 6.553°; 6.553 ÷ 3.333 का पूर्णांक 1 है, इसलिए चरण 2, अक्षर वा।
- 46.553 ÷ 30 का पूर्णांक 1 है, इसलिए चंद्र राशि वृषभ।
उदाहरण 2: 26 जनवरी 2005, 22:15, मुंबई
- इस क्षण लाहिरी अयनांश 23.928° है, और चंद्रमा की निरयन स्थिति 116.706° है।
- 116.706 ÷ 13.333 = 8.753, पूर्णांक 8, इसलिए नक्षत्र संख्या 9: आश्लेषा।
- नक्षत्र में बीता हिस्सा 10.039°; 10.039 ÷ 3.333 का पूर्णांक 3 है, इसलिए चरण 4, अक्षर डो।
- 116.706 ÷ 30 का पूर्णांक 3 है, इसलिए चंद्र राशि कर्क।
उदाहरण 3: 10 मार्च 2024, 12:00, कोलकाता
- इस क्षण लाहिरी अयनांश 24.195° है, और चंद्रमा की निरयन स्थिति 324.492° है।
- 324.492 ÷ 13.333 = 24.337, पूर्णांक 24, इसलिए नक्षत्र संख्या 25: पूर्वा भाद्रपद।
- नक्षत्र में बीता हिस्सा 4.492°; 4.492 ÷ 3.333 का पूर्णांक 1 है, इसलिए चरण 2, अक्षर सो।
- 324.492 ÷ 30 का पूर्णांक 10 है, इसलिए चंद्र राशि कुंभ।
27 नक्षत्र और उनके नाम अक्षर की तालिका
| # | नक्षत्र | चंद्रमा की स्थिति | चार चरणों के अक्षर |
|---|---|---|---|
| 1 | अश्विनी | 0.00°–13.33° | चू, चे, चो, ला |
| 2 | भरणी | 13.33°–26.67° | ली, लू, ले, लो |
| 3 | कृत्तिका | 26.67°–40.00° | अ, ई, उ, ए |
| 4 | रोहिणी | 40.00°–53.33° | ओ, वा, वी, वू |
| 5 | मृगशिरा | 53.33°–66.67° | वे, वो, का, की |
| 6 | आर्द्रा | 66.67°–80.00° | कू, घ, ङ, छकुछ सूचियों में: कू, घ, ङ, न |
| 7 | पुनर्वसु | 80.00°–93.33° | के, को, हा, ही |
| 8 | पुष्य | 93.33°–106.67° | हू, हे, हो, डा |
| 9 | आश्लेषा | 106.67°–120.00° | डी, डू, डे, डो |
| 10 | मघा | 120.00°–133.33° | मा, मी, मू, मे |
| 11 | पूर्वा फाल्गुनी | 133.33°–146.67° | मो, टा, टी, टू |
| 12 | उत्तरा फाल्गुनी | 146.67°–160.00° | टे, टो, पा, पी |
| 13 | हस्त | 160.00°–173.33° | पू, ष, ण, ठ |
| 14 | चित्रा | 173.33°–186.67° | पे, पो, रा, री |
| 15 | स्वाति | 186.67°–200.00° | रू, रे, रो, ता |
| 16 | विशाखा | 200.00°–213.33° | ती, तू, ते, तो |
| 17 | अनुराधा | 213.33°–226.67° | ना, नी, नू, ने |
| 18 | ज्येष्ठा | 226.67°–240.00° | नो, या, यी, यू |
| 19 | मूल | 240.00°–253.33° | ये, यो, भा, भी |
| 20 | पूर्वाषाढ़ा | 253.33°–266.67° | भू, धा, फा, ढा |
| 21 | उत्तराषाढ़ा | 266.67°–280.00° | भे, भो, जा, जी |
| 22 | श्रवण | 280.00°–293.33° | खी, खू, खे, खोकुछ सूचियों में: जू, जे, जो, घा |
| 23 | धनिष्ठा | 293.33°–306.67° | गा, गी, गू, गे |
| 24 | शतभिषा | 306.67°–320.00° | गो, सा, सी, सू |
| 25 | पूर्वा भाद्रपद | 320.00°–333.33° | से, सो, दा, दी |
| 26 | उत्तरा भाद्रपद | 333.33°–346.67° | दू, थ, झ, ञ |
| 27 | रेवती | 346.67°–360.00° | दे, दो, चा, ची |
स्रोत: vedicfeed.com, dekhopanchang.com (देखा: 4 नवंबर 2026)। हिंदी अक्षर उन्हीं के लैटिन रूपों से लिखे गए हैं।
नक्षत्र जानने के बाद क्या देखें
आज चंद्रमा किस नक्षत्र में है, यह आज के पंचांग में देखें। शादी की योजना हो तो विवाह मुहूर्त 2027 की सूची देखें, जिसमें हर दिन का नक्षत्र लिखा है। गणना की पद्धति पंचांग कैसे बनता है में समझाई गई है।
यह कैलकुलेटर खगोलीय गणना बताता है, भविष्यवाणी नहीं। कुंडली और नामकरण के लिए अपने पंडित जी से सलाह लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जन्म नक्षत्र कैसे पता करें?
जन्म की तारीख़, समय और शहर ऊपर के कैलकुलेटर में भरें। वह उस क्षण चंद्रमा की निरयन स्थिति निकालकर बताता है कि चंद्रमा 27 में से किस नक्षत्र में था। यही आपका जन्म नक्षत्र है। इसके लिए समय जितना सही होगा, नतीजा उतना पक्का होगा, क्योंकि चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार कर लेता है।
जन्म समय पता न हो तो नक्षत्र कैसे निकालें?
चंद्रमा लगभग 24 घंटे में एक नक्षत्र पार करता है, इसलिए बिना समय के भी ज़्यादातर दिनों में नक्षत्र का अंदाज़ा लग जाता है, पर जिस दिन नक्षत्र बदलता है उस दिन नहीं। अंदाज़े का समय भरकर देखें और फिर सुबह और शाम के दो समय भी भरकर मिलाएँ। दोनों में नतीजा एक हो तो वह काफ़ी भरोसेमंद है।
नाम का पहला अक्षर नक्षत्र से कैसे तय होता है?
हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं, और हर चरण का एक अक्षर तय है, जैसे अश्विनी के चार चरणों के चू, चे, चो, ला। जन्म के समय चंद्रमा जिस चरण में हो, उसका अक्षर नाम की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। यह परंपरा है, कोई अनिवार्य नियम नहीं, और कई परिवार अपने कुल के अनुसार नाम रखते हैं।
चंद्र राशि और सूर्य राशि में क्या अंतर है?
चंद्र राशि वह राशि है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था, और भारतीय ज्योतिष में आम तौर पर इसी को आपकी राशि कहते हैं। सूर्य राशि उस समय सूर्य की राशि है, जिसे अख़बारों के राशिफल में अक्सर देखा जाता है, हालाँकि वे ज़्यादातर सायन पद्धति से होते हैं। यह कैलकुलेटर दोनों को निरयन (लाहिरी) पद्धति से बताता है।
दूसरे पंचांग में मेरा नक्षत्र अलग क्यों आता है?
तीन कारण आम हैं: जन्म का समय थोड़ा अलग भरा गया हो, शहर या समय क्षेत्र अलग हो, या वहाँ लाहिरी की जगह दूसरा अयनांश, जैसे कृष्णमूर्ति या रमन, लिया गया हो। अयनांश बदलने से चंद्रमा की स्थिति कुछ कला बदल जाती है, जिससे नक्षत्र की सीमा के पास जन्मे लोगों का नतीजा बदल सकता है। यहाँ हमेशा लाहिरी अयनांश लिया जाता है।
क्या विदेश में जन्म होने पर भी यह कैलकुलेटर सही है?
हाँ। सूची से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया का कोई पास का शहर चुनें। कैलकुलेटर उस जगह का समय क्षेत्र और डेलाइट सेविंग खुद लगा लेता है। नक्षत्र और राशि के लिए सही क्षण ज़रूरी है, शहर की सटीक दूरी नहीं, इसलिए उसी समय क्षेत्र का कोई भी पास का शहर काफ़ी है। बस समय वही भरें जो जन्म प्रमाणपत्र में लिखा हो।