आज का राहु काल (दिल्ली)
मंगलवार, 3 नवंबर 2026
2:50 – 4:12
दोपहर 2:50 – शाम 4:12
सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 5:35
चंद्रोदय
4 नवंबर, रात 1:47
राहु काल दोपहर 2:50 – शाम 4:12
इस समय नया काम शुरू न करें
मुख्य बातें
- आज दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:50 – शाम 4:12 है।
- राहु काल दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) का आठवाँ हिस्सा है; कौन सा हिस्सा, यह वार तय करता है।
- इस समय नया काम, ख़रीदारी या यात्रा की शुरुआत टालने की परंपरा है; चल रहा काम रोकना ज़रूरी नहीं।
- हर शहर का राहु काल उसके अपने सूर्योदय से बनता है, इसलिए नीचे अपना शहर देखें।
आज का शुभ समय
- शुभ
- सामान्य
- अशुभ
- राहु काल
रोग सुबह 6:34 – सुबह 7:57 (अशुभ); उद्वेग सुबह 7:57 – सुबह 9:19 (अशुभ); चर सुबह 9:19 – सुबह 10:42 (सामान्य); लाभ सुबह 10:42 – दोपहर 12:05 (शुभ); अमृत दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 (शुभ); काल दोपहर 1:27 – दोपहर 2:50 (अशुभ); शुभ दोपहर 2:50 – शाम 4:12 (शुभ, राहु काल से टकराता है); रोग शाम 4:12 – शाम 5:35 (अशुभ)
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:27
वार के हिसाब से राहु काल: यह नियम कैसे काम करता है
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर हिस्सों में बाँटिए। हर वार का एक तय हिस्सा राहु का होता है। गर्मियों में दिन लंबा होने से हर हिस्सा 1 घंटा 45 मिनट तक का हो जाता है, जबकि सर्दियों में यह करीब 1 घंटा 20 मिनट रह जाता है। नीचे अगले सात दिनों का दिल्ली का समय दिया गया है, ताकि आप पहले से योजना बना सकें। यमगंड और गुलिक काल भी इसी तरह निकलते हैं।
| तारीख़ | दिन का हिस्सा | राहु काल | यमगंड | गुलिक |
|---|---|---|---|---|
| मंगलवार, 3 नवंबर | सातवाँ भाग | दोपहर 2:50 – शाम 4:12 | सुबह 9:19 – सुबह 10:42 | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 |
| बुधवार, 4 नवंबर | पाँचवाँ भाग | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 | सुबह 7:57 – सुबह 9:20 | सुबह 10:42 – दोपहर 12:05 |
| गुरुवार, 5 नवंबर | छठा भाग | दोपहर 1:27 – दोपहर 2:49 | सुबह 6:36 – सुबह 7:58 | सुबह 9:20 – सुबह 10:42 |
| शुक्रवार, 6 नवंबर | चौथा भाग | सुबह 10:43 – दोपहर 12:05 | दोपहर 2:49 – शाम 4:11 | सुबह 7:59 – सुबह 9:21 |
| शनिवार, 7 नवंबर | तीसरा भाग | सुबह 9:21 – सुबह 10:43 | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:48 | सुबह 6:37 – सुबह 7:59 |
| रविवार, 8 नवंबर | आठवाँ भाग | शाम 4:10 – शाम 5:31 | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:26 | दोपहर 2:48 – शाम 4:10 |
| सोमवार, 9 नवंबर | दूसरा भाग | सुबह 8:00 – सुबह 9:22 | सुबह 10:43 – दोपहर 12:05 | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:48 |
यमगंड का भाग: रविवार पाँचवाँ, सोमवार चौथा, मंगलवार तीसरा, बुधवार दूसरा, गुरुवार पहला, शुक्रवार सातवाँ, शनिवार छठा। गुलिक का भाग: रविवार सातवाँ, सोमवार छठा, मंगलवार पाँचवाँ, बुधवार चौथा, गुरुवार तीसरा, शुक्रवार दूसरा, शनिवार पहला।
अपने शहर का राहु काल देखें
- मुंबईदोपहर 3:13 – शाम 4:39
- दिल्लीदोपहर 2:50 – शाम 4:12
- बेंगलुरुदोपहर 2:58 – शाम 4:25
- कोलकातादोपहर 2:09 – दोपहर 3:34
- हैदराबाददोपहर 2:52 – शाम 4:18
- चेन्नईदोपहर 2:47 – शाम 4:14
- अहमदाबाददोपहर 3:12 – शाम 4:36
- पुणेदोपहर 3:09 – शाम 4:35
- जयपुरदोपहर 2:56 – शाम 4:20
- लखनऊदोपहर 2:36 – दोपहर 3:59
- पटनादोपहर 2:20 – दोपहर 3:44
- सूरतदोपहर 3:12 – शाम 4:37
- इंदौरदोपहर 2:59 – शाम 4:23
- भोपालदोपहर 2:52 – शाम 4:17
- चंडीगढ़दोपहर 2:50 – शाम 4:12
- नागपुरदोपहर 2:47 – शाम 4:12
- कानपुरदोपहर 2:39 – शाम 4:02
- वाराणसीदोपहर 2:29 – दोपहर 3:52
- आगरादोपहर 2:47 – शाम 4:10
- रांचीदोपहर 2:21 – दोपहर 3:45
विदेश में: अमेरिका · कनाडा · ब्रिटेन · ऑस्ट्रेलिया
आज राहु काल कितने बजे से कितने बजे तक है?
आज मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दिल्ली में राहु काल दोपहर 2:50 से शाम 4:12 तक है। दूसरे शहरों में यह सूर्योदय के हिसाब से कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, इसलिए नीचे अपने शहर का समय देखें।
राहु काल कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। वार के हिसाब से इनमें से एक हिस्सा राहु काल होता है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा के अनुसार राहु काल में नया काम, शादी-सगाई की बात, गृह प्रवेश, नई गाड़ी या सोना ख़रीदना और यात्रा की शुरुआत टाली जाती है। जो काम पहले से चल रहा हो, उसे राहु काल में रोकने की ज़रूरत नहीं मानी जाती। रोज़ के काम, पढ़ाई और नौकरी सामान्य रूप से चलते हैं।
क्या राहु काल रात में भी होता है?
आम पंचांगों में राहु काल सिर्फ़ दिन के समय, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच गिना जाता है। कुछ परंपराएँ रात के आठ हिस्सों में भी राहु का भाग मानती हैं, पर ज़्यादातर परिवार और पंचांग दिन वाले राहु काल को ही देखते हैं, और यही इस पेज पर दिया गया है।
यमगंड और गुलिक काल क्या हैं?
राहु काल की तरह यमगंड और गुलिक काल भी दिन के आठ हिस्सों में से एक-एक हिस्सा हैं। आज दिल्ली में यमगंड सुबह 9:19 – सुबह 10:42 और गुलिक काल दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 है। यमगंड में शुभ काम टाला जाता है, जबकि गुलिक में किया काम दोहराया जाता है, ऐसी मान्यता है।
राहु काल हर शहर में अलग क्यों होता है?
राहु काल घड़ी के तय समय से नहीं, बल्कि सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलता है। पूरब के शहरों जैसे कोलकाता और रांची में सूरज पहले उगता है, इसलिए वहाँ राहु काल भी पहले आता है, जबकि अहमदाबाद और मुंबई जैसे पश्चिमी शहरों में बाद में। दिन की लंबाई भी मौसम और अक्षांश के साथ बदलती है।