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त्योहार 2026: तारीख़, वार और तिथि

सीधा जवाब

2026 में होली 4 मार्च 2026 को, रक्षा बंधन 28 अगस्त 2026 को और दिवाली 8 नवंबर 2026 को है। अगला त्योहार धनतेरस (6 नवंबर 2026) है।

यह पेज साल भर के इक्कीस बड़े हिंदू त्योहारों की एक जगह पर पूरी सूची है, जिसमें मकर संक्रांति, होली, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा, करवा चौथ, दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा जैसे त्योहार शामिल हैं। लोग यह सूची इसलिए देखते हैं ताकि घर लौटने के टिकट, दफ़्तर से छुट्टी, खरीदारी और पूजा की तैयारी पहले से कर सकें। हर त्योहार की तारीख दिल्ली के सूर्योदय और पंचांग के हिसाब से निकाली गई है। ज़्यादातर त्योहार उस दिन मनाए जाते हैं जिस दिन सूर्योदय पर उनकी तिथि हो, लेकिन कुछ के अपने नियम हैं, जैसे दिवाली में प्रदोष काल और जन्माष्टमी में आधी रात देखी जाती है। विदेश में रहने वाले परिवारों के लिए तारीख एक दिन आगे या पीछे हो सकती है।

2026 के त्योहारों की सूची

तारीख़त्योहारतिथि का समय (दिल्ली)कैलेंडर
14 जनवरीबुधवारमकर संक्रांतिसंक्रांति: 14 जनवरी, दोपहर 3:07कैलेंडर
23 जनवरीशुक्रवारवसंत पंचमी23 जनवरी, रात 2:28 – 24 जनवरी, रात 1:46कैलेंडर
15 फ़रवरीरविवारमहाशिवरात्रि15 फ़रवरी, शाम 5:05 – 16 फ़रवरी, शाम 5:34कैलेंडर
4 मार्चबुधवारहोलीहोलिका दहन के अगले दिन वाली परंपरा: 3 मार्च3 मार्च, शाम 5:07 – 4 मार्च, शाम 4:49कैलेंडर
26 मार्चगुरुवारराम नवमी26 मार्च, सुबह 11:49 – 27 मार्च, सुबह 10:07कैलेंडर
2 अप्रैलगुरुवारहनुमान जयंती1 अप्रैल, सुबह 7:06 – 2 अप्रैल, सुबह 7:41कैलेंडर
19 अप्रैलरविवारअक्षय तृतीया19 अप्रैल, सुबह 10:49 – 20 अप्रैल, सुबह 7:27कैलेंडर
29 जुलाईबुधवारगुरु पूर्णिमा28 जुलाई, शाम 6:19 – 29 जुलाई, रात 8:05कैलेंडर
28 अगस्तशुक्रवाररक्षा बंधन27 अगस्त, सुबह 9:09 – 28 अगस्त, सुबह 9:48कैलेंडर
4 सितंबरशुक्रवारजन्माष्टमी4 सितंबर, रात 2:25 – 5 सितंबर, रात 12:13कैलेंडर
14 सितंबरसोमवारगणेश चतुर्थी14 सितंबर, सुबह 7:07 – 15 सितंबर, सुबह 7:44कैलेंडर
11 अक्टूबररविवारशारदीय नवरात्रि10 अक्टूबर, रात 9:19 – 11 अक्टूबर, रात 9:31कैलेंडर
20 अक्टूबरमंगलवारदशहरा20 अक्टूबर, दोपहर 12:50 – 21 अक्टूबर, दोपहर 2:12कैलेंडर
29 अक्टूबरगुरुवारकरवा चौथ29 अक्टूबर, रात 1:07 – 29 अक्टूबर, रात 10:10कैलेंडर
6 नवंबरशुक्रवारधनतेरस6 नवंबर, सुबह 10:31 – 7 नवंबर, सुबह 10:48कैलेंडर
8 नवंबररविवारदिवाली8 नवंबर, सुबह 11:28 – 9 नवंबर, दोपहर 12:31कैलेंडर
10 नवंबरमंगलवारगोवर्धन पूजा9 नवंबर, दोपहर 12:31 – 10 नवंबर, दोपहर 2:00कैलेंडर
11 नवंबरबुधवारभाई दूज10 नवंबर, दोपहर 2:00 – 11 नवंबर, दोपहर 3:53कैलेंडर
15 नवंबररविवारछठ पूजा14 नवंबर, रात 11:24 – 16 नवंबर, रात 2:01कैलेंडर
20 नवंबरशुक्रवारदेवउठनी एकादशीक्षय तिथि: जिस दिन शुरू हुई20 नवंबर, सुबह 7:16 – 21 नवंबर, सुबह 6:31कैलेंडर
24 नवंबरमंगलवारकार्तिक पूर्णिमा23 नवंबर, रात 11:42 – 24 नवंबर, रात 8:23कैलेंडर

और सूचियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली की तारीख कैसे तय होती है?

दिवाली कार्तिक महीने की अमावस्या को मनाई जाती है, लेकिन इसकी मुख्य पूजा यानी लक्ष्मी पूजा शाम को प्रदोष काल में होती है। इसलिए दिवाली उस दिन मानी जाती है जिस दिन सूर्यास्त के बाद के प्रदोष काल में अमावस्या तिथि मौजूद हो, न कि केवल सूर्योदय वाले दिन। जब अमावस्या दो दिनों में बंटी होती है, तब इसी नियम से फ़ैसला होता है कि दिवाली किस दिन मनाई जाए।

जन्माष्टमी दो दिन क्यों मनाई जाती है?

भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात को माना जाता है, इसलिए जन्माष्टमी उस रात मनाई जाती है जब आधी रात के समय अष्टमी तिथि हो। कई बार यह स्थिति दो रातों में बंट जाती है। स्मार्त परंपरा के लोग पहले दिन व्रत रखते हैं, जबकि वैष्णव और इस्कॉन मंदिर अक्सर उदया तिथि और रोहिणी नक्षत्र देखकर अगले दिन मनाते हैं। इसी वजह से दो तारीखें सुनाई देती हैं।

मकर संक्रांति की तारीख लगभग हर साल एक जैसी क्यों रहती है?

ज़्यादातर हिंदू त्योहार चांद की तिथि पर चलते हैं, इसलिए उनकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल बदलती रहती है। मकर संक्रांति अलग है, क्योंकि यह उस दिन मनाई जाती है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। सूर्य की चाल अंग्रेज़ी कैलेंडर से मेल खाती है, इसलिए इसकी तारीख लगभग एक जैसी रहती है। फिर भी कभी-कभी यह एक दिन आगे खिसक जाती है।

होलिका दहन और रंगों वाली होली अलग-अलग दिन क्यों होती है?

होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की शाम को किया जाता है, और इसके लिए वह समय चुना जाता है जब भद्रा न हो। रंगों वाली होली, जिसे धुलेंडी भी कहते हैं, अगले दिन यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को खेली जाती है। इसलिए होली हमेशा दो दिन का त्योहार है। कुछ इलाकों में, जैसे ब्रज में, होली कई दिनों तक अलग-अलग रूपों में मनाई जाती है।

विदेश में त्योहार की तारीख अलग क्यों हो सकती है?

हिंदू त्योहार तिथि पर चलते हैं, और तिथि का बदलना पूरी दुनिया में एक ही पल में होता है। लेकिन सूर्योदय, सूर्यास्त और आधी रात हर देश में अलग समय पर आते हैं। इसलिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन या ऑस्ट्रेलिया में किसी त्योहार का दिन भारत से एक दिन अलग हो सकता है। विदेश में रहने वाले परिवार अपने शहर के पंचांग या स्थानीय मंदिर की तारीख देखें।

क्या त्योहार की तारीख और सरकारी छुट्टी हमेशा एक ही दिन होती है?

ज़रूरी नहीं। सरकारी छुट्टियों की सूची पिछले साल के आखिर में ही जारी हो जाती है, और कभी-कभी उसमें दी गई तारीख पंचांग की तारीख से एक दिन अलग होती है, खासकर जब तिथि दो दिनों में बंटी हो। ऐसे में पूजा पंचांग के अनुसार की जाती है और छुट्टी सरकारी सूची के अनुसार मिलती है। सरकारी छुट्टियों के लिए हमारी छुट्टियों वाली सूची देखें।

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