आज का चौघड़िया (दिल्ली)
मंगलवार, 3 नवंबर 2026
नए काम के लिए शुभ समय (राहु काल हटाकर)
- लाभसुबह 10:42 – दोपहर 12:05
- अमृतदोपहर 12:05 – दोपहर 1:27
शुभ (दोपहर 2:50 – शाम 4:12) राहु काल से टकराता है
आज का शुभ समय
- शुभ
- सामान्य
- अशुभ
- राहु काल
रोग सुबह 6:34 – सुबह 7:57 (अशुभ); उद्वेग सुबह 7:57 – सुबह 9:19 (अशुभ); चर सुबह 9:19 – सुबह 10:42 (सामान्य); लाभ सुबह 10:42 – दोपहर 12:05 (शुभ); अमृत दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 (शुभ); काल दोपहर 1:27 – दोपहर 2:50 (अशुभ); शुभ दोपहर 2:50 – शाम 4:12 (शुभ, राहु काल से टकराता है); रोग शाम 4:12 – शाम 5:35 (अशुभ)
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:27
दिन और रात का चौघड़िया
दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त)
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| रोग | सुबह 6:34 – सुबह 7:57 | अशुभ |
| उद्वेग | सुबह 7:57 – सुबह 9:19 | अशुभ |
| चर | सुबह 9:19 – सुबह 10:42 | सामान्य |
| लाभ | सुबह 10:42 – दोपहर 12:05 | शुभ |
| अमृत | दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27 | शुभ |
| काल | दोपहर 1:27 – दोपहर 2:50 | अशुभ |
| शुभ | दोपहर 2:50 – शाम 4:12 | शुभराहु काल से टकराता है; नए काम के लिए नहीं |
| रोग | शाम 4:12 – शाम 5:35 | अशुभ |
रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय)
| चौघड़िया | समय | फल |
|---|---|---|
| काल | शाम 5:35 – शाम 7:12 | अशुभ |
| लाभ | शाम 7:12 – रात 8:50 | शुभ |
| उद्वेग | रात 8:50 – रात 10:27 | अशुभ |
| शुभ | रात 10:27 – 4 नवंबर, रात 12:05 | शुभ |
| अमृत | 4 नवंबर, रात 12:05 – 4 नवंबर, रात 1:42 | शुभ |
| चर | 4 नवंबर, रात 1:42 – 4 नवंबर, रात 3:20 | सामान्य |
| रोग | 4 नवंबर, रात 3:20 – 4 नवंबर, सुबह 4:58 | अशुभ |
| काल | 4 नवंबर, सुबह 4:58 – 4 नवंबर, सुबह 6:35 | अशुभ |
शुभ चौघड़िया में से राहु काल वाला हिस्सा नए काम के लिए अलग से हटाया गया है। यमगंड और गुलिक अलग दिखाए गए हैं पर इनसे चौघड़िया नहीं काटा गया; वार वेला, काल वेला और काल रात्रि की गणना यहाँ नहीं होती।
मुख्य बातें
- दिन और रात दोनों के आठ-आठ चौघड़िया होते हैं; हर एक दिन या रात की लंबाई का आठवाँ हिस्सा है।
- अमृत, शुभ और लाभ अच्छे; चर सामान्य; रोग, काल और उद्वेग में नई शुरुआत टाली जाती है।
- पहला चौघड़िया वार से तय होता है, इसलिए हर दिन का क्रम अलग होता है।
- चौघड़िया आपके शहर के सूर्योदय से बनता है; नीचे अपने शहर का पेज खोलें।
वार के हिसाब से पहला चौघड़िया
दिन का क्रम हर बार एक कदम आगे बढ़ता है (उद्वेग, चर, लाभ, अमृत, काल, शुभ, रोग), और आठवाँ चौघड़िया फिर पहले वाला होता है। रात का क्रम हर बार पाँच कदम आगे बढ़ता है। नीचे देखिए कि किस वार का दिन और रात किस चौघड़िया से शुरू होती है।
| वार | दिन का पहला | रात का पहला |
|---|---|---|
| रविवार | उद्वेग (अशुभ) | शुभ (शुभ) |
| सोमवार | अमृत (शुभ) | चर (सामान्य) |
| मंगलवार | रोग (अशुभ) | काल (अशुभ) |
| बुधवार | लाभ (शुभ) | उद्वेग (अशुभ) |
| गुरुवार | शुभ (शुभ) | अमृत (शुभ) |
| शुक्रवार | चर (सामान्य) | रोग (अशुभ) |
| शनिवार | काल (अशुभ) | लाभ (शुभ) |
सात चौघड़िया और उनका अर्थ
- उद्वेग · अशुभ
- उद्वेग चौघड़िया के स्वामी सूर्य हैं और यह अशुभ माना जाता है। उद्वेग यानी बेचैनी, इसलिए नए काम से बचा जाता है। परंपरा में सरकारी काम या अधिकारियों से मिलने के लिए इसे ठीक माना गया है।
- चर · सामान्य
- चर चौघड़िया के स्वामी शुक्र हैं और इसे सामान्य या मध्यम समय माना जाता है। चर का अर्थ है चलने वाला, इसलिए यात्रा, वाहन खरीदने और घूमने-फिरने वाले कामों के लिए यह ठीक रहता है।
- लाभ · शुभ
- लाभ चौघड़िया के स्वामी बुध हैं और यह शुभ समय है। व्यापार शुरू करने, लेन-देन, पढ़ाई, नई चीज सीखने और कमाई से जुड़े कामों के लिए इसे खास तौर पर अच्छा माना जाता है।
- अमृत · शुभ
- अमृत चौघड़िया के स्वामी चंद्रमा हैं और इसे सबसे शुभ समय माना जाता है। पूजा, नया काम, यात्रा, खरीदारी या कोई भी अच्छा काम शुरू करने के लिए यह समय बहुत अच्छा है।
- काल · अशुभ
- काल चौघड़िया के स्वामी शनि हैं और इसे अशुभ समय माना जाता है। इसमें शुभ काम, यात्रा, लेन-देन या कोई भी नई शुरुआत करने से बचना ही बेहतर माना जाता है।
- शुभ · शुभ
- शुभ चौघड़िया के स्वामी बृहस्पति यानी गुरु हैं और यह अच्छा समय माना जाता है। विवाह, पूजा-पाठ, धार्मिक काम, पढ़ाई की शुरुआत और घर के मांगलिक कामों के लिए यह उपयुक्त है।
- रोग · अशुभ
- रोग चौघड़िया के स्वामी मंगल हैं और इसे अशुभ माना जाता है। इसमें नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। परंपरा के अनुसार बीमारी का इलाज शुरू करने या विवाद से जुड़े काम इसमें किए जा सकते हैं।
आपके शहर में आज नए काम के लिए शुभ चौघड़िया
- मुंबईलाभ सुबह 10:56 – दोपहर 12:22 · अमृत दोपहर 12:22 – दोपहर 1:48
- दिल्लीलाभ सुबह 10:42 – दोपहर 12:05 · अमृत दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27
- बेंगलुरुलाभ सुबह 10:36 – दोपहर 12:03 · अमृत दोपहर 12:03 – दोपहर 1:30
- कोलकातालाभ सुबह 9:55 – सुबह 11:20 · अमृत सुबह 11:20 – दोपहर 12:44
- हैदराबादलाभ सुबह 10:33 – दोपहर 12:00 · अमृत दोपहर 12:00 – दोपहर 1:26
- चेन्नईलाभ सुबह 10:25 – सुबह 11:52 · अमृत सुबह 11:52 – दोपहर 1:20
- अहमदाबादलाभ सुबह 10:59 – दोपहर 12:23 · अमृत दोपहर 12:23 – दोपहर 1:47
- पुणेलाभ सुबह 10:52 – दोपहर 12:18 · अमृत दोपहर 12:18 – दोपहर 1:44
- जयपुरलाभ सुबह 10:47 – दोपहर 12:10 · अमृत दोपहर 12:10 – दोपहर 1:33
- लखनऊलाभ सुबह 10:26 – सुबह 11:50 · अमृत सुबह 11:50 – दोपहर 1:13
- पटनालाभ सुबह 10:09 – सुबह 11:33 · अमृत सुबह 11:33 – दोपहर 12:56
- सूरतलाभ सुबह 10:57 – दोपहर 12:22 · अमृत दोपहर 12:22 – दोपहर 1:47
- इंदौरलाभ सुबह 10:46 – दोपहर 12:10 · अमृत दोपहर 12:10 – दोपहर 1:34
- भोपाललाभ सुबह 10:39 – दोपहर 12:04 · अमृत दोपहर 12:04 – दोपहर 1:28
- चंडीगढ़लाभ सुबह 10:44 – दोपहर 12:06 · अमृत दोपहर 12:06 – दोपहर 1:28
- नागपुरलाभ सुबह 10:32 – सुबह 11:57 · अमृत सुबह 11:57 – दोपहर 1:22
- कानपुरलाभ सुबह 10:29 – सुबह 11:52 · अमृत सुबह 11:52 – दोपहर 1:15
- वाराणसीलाभ सुबह 10:18 – सुबह 11:42 · अमृत सुबह 11:42 – दोपहर 1:05
- आगरालाभ सुबह 10:38 – दोपहर 12:01 · अमृत दोपहर 12:01 – दोपहर 1:24
- रांचीलाभ सुबह 10:08 – सुबह 11:32 · अमृत सुबह 11:32 – दोपहर 12:56
विदेश में: अमेरिका · कनाडा · ब्रिटेन · ऑस्ट्रेलिया
आज का शुभ चौघड़िया कब है?
आज मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दिल्ली में दिन में नए काम के लिए लाभ (सुबह 10:42 – दोपहर 12:05), अमृत (दोपहर 12:05 – दोपहर 1:27) उपयुक्त हैं। शुभ चौघड़िया का पूरा समय राहु काल (दोपहर 2:50 – शाम 4:12) में है, इसलिए वह नए काम के लिए नहीं गिना गया। रात में लाभ (शाम 7:12 – रात 8:50), शुभ (रात 10:27 – 4 नवंबर, रात 12:05), अमृत (4 नवंबर, रात 12:05 – 4 नवंबर, रात 1:42) शुभ हैं।
चौघड़िया कैसे निकाला जाता है?
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात को आठ-आठ बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। हर हिस्से का नाम सात चौघड़ियों में से एक होता है, और पहला नाम वार से तय होता है, जैसे रविवार को दिन उद्वेग से और सोमवार को अमृत से शुरू होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया में क्या अंतर है?
तीनों अच्छे माने जाते हैं। अमृत (चंद्रमा) हर तरह के शुभ काम के लिए सबसे अच्छा है, शुभ (गुरु) पूजा-पाठ, विवाह की बात और पढ़ाई के लिए, और लाभ (बुध) व्यापार, ख़रीदारी और नई पढ़ाई शुरू करने के लिए अच्छा माना जाता है।
क्या चर चौघड़िया में यात्रा कर सकते हैं?
हाँ, चर चौघड़िया का स्वामी शुक्र माना जाता है और यह सामान्य श्रेणी में आता है। चलने-फिरने और यात्रा से जुड़े काम, जैसे सफ़र पर निकलना या गाड़ी से जुड़ा काम, चर में ठीक माने जाते हैं। बड़े शुभ काम के लिए अमृत, शुभ या लाभ बेहतर है।
रोग, काल और उद्वेग में क्या करें?
इन तीनों में नया शुभ काम शुरू करना टाला जाता है। परंपरा में रोग चौघड़िया को विवाद या बीमारी से लड़ने जैसे कामों के लिए, और उद्वेग को सरकारी काम के लिए ठीक माना गया है, पर आम तौर पर लोग इन समयों में नई शुरुआत नहीं करते।
राहु काल और चौघड़िया एक साथ पड़ें तो क्या मानें?
अगर किसी शुभ चौघड़िया के बीच राहु काल पड़ जाए, तो ज़्यादातर परिवार उतना हिस्सा छोड़ देते हैं। ऊपर की समय-रेखा में राहु काल लाल धारियों वाली पट्टी से दिखाया गया है, ताकि आप दोनों को एक साथ देखकर सही समय चुन सकें।