शुभकालदिल्लीEN

रक्षा बंधन 2026 और 2027: तारीख़, मुहूर्त और महत्व

रक्षा बंधन 2026

28 अगस्त 2026

शुक्रवार

बीत गया

रक्षा बंधन 2027

17 अगस्त 2027

मंगलवार

287 दिन बाकी

सीधा जवाब

रक्षा बंधन 2027 में मंगलवार, 17 अगस्त 2027 को है (दिल्ली)। रक्षा बंधन सावन की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला भाई-बहन का त्योहार है, जिसमें बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है और भाई उसका साथ निभाने का वचन देता है।

मुख्य बातें

  • 2026: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार
  • 2027: 17 अगस्त 2027, मंगलवार
  • हर साल के हिस्से में लिखा है कि वह तारीख़ किस नियम से निकली और मुहूर्त तिथि के भीतर कैसे काटा गया।
  • सभी समय दिल्ली के हैं; विदेश में तिथि स्थानीय समय से बदलती है, इसलिए तारीख़ एक दिन अलग हो सकती है।

रक्षा बंधन क्या है

रक्षा बंधन का अर्थ है रक्षा का बंधन। यह धागा सिर्फ़ एक रस्म नहीं, बल्कि भरोसे और अपनेपन की डोर है। पुराणों में कथा आती है कि असुरों से युद्ध के समय इंद्राणी ने देवराज इंद्र की कलाई पर रक्षा सूत्र बाँधा था। एक प्रसिद्ध लोक कथा में द्रौपदी ने श्रीकृष्ण की कटी उँगली पर अपनी साड़ी का टुकड़ा बाँधा था, और बदले में कृष्ण ने कौरवों की सभा में उनकी लाज बचाई।

राजा बलि और देवी लक्ष्मी की कथा भी इसी त्योहार से जुड़ी है, जिसमें लक्ष्मी जी ने बलि को राखी बाँधकर उपहार में भगवान विष्णु को वापस माँगा था। आज यह त्योहार खून के रिश्ते से आगे बढ़ गया है। बहनें मुँहबोले भाइयों को राखी बाँधती हैं, भाभी को लुंबा राखी बाँधी जाती है और कई घरों में बहनें आपस में भी राखी बाँधती हैं।

रक्षा बंधन कैसे मनाते हैं

सुबह घर साफ़ करके पूजा की थाली सजाई जाती है, जिसमें राखी, रोली, अक्षत, दीया और मिठाई रखी जाती है। पहली राखी भगवान को चढ़ाई जाती है। फिर बहन भाई को आसन पर बिठाकर माथे पर तिलक लगाती है, कलाई पर राखी बाँधती है, आरती उतारती है और मिठाई खिलाती है। भाई उपहार या शगुन देकर हमेशा साथ खड़े रहने का वादा करता है। कई बहनें राखी बाँधने तक कुछ नहीं खातीं।

राजस्थान और मारवाड़ी परिवारों में भाभी की चूड़ी पर लुंबा राखी बाँधी जाती है। महाराष्ट्र और पश्चिमी तट पर यही दिन नारली पूर्णिमा है, जब मछुआरे समुद्र को नारियल चढ़ाते हैं। दक्षिण भारत में कई ब्राह्मण परिवार अवनि अवित्तम पर नया जनेऊ पहनते हैं, जो अक्सर इसी समय पड़ता है। विदेश में रहने वाले भाइयों को बहनें हफ़्तों पहले डाक से राखी भेज देती हैं, और बहुत से परिवार फ़ोन पर जुड़कर रस्म निभाते हैं।

रक्षा बंधन 2026: तारीख़ और मुहूर्त (दिल्ली)

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस दिन सूर्योदय के समय मौजूद है (उदया तिथि)।

तिथि
27 अगस्त, सुबह 9:09 – 28 अगस्त, सुबह 9:48
राखी बाँधने का समय (पूर्णिमा में, भद्रा छोड़कर)
सुबह 5:57 – सुबह 9:48

भद्रा सूर्योदय से पहले ख़त्म हो गई।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): सुबह 5:57 – रात 9:01

अपराह्न में राखी (सबसे उत्तम मानी गई)
नहीं बनता

अपराह्न तक पूर्णिमा नहीं रहती (या भद्रा है)।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): दोपहर 1:39 – शाम 4:13

प्रदोष काल में राखी
नहीं बनता

प्रदोष काल में पूर्णिमा नहीं है।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): शाम 6:47 – रात 9:01

भद्रा
27 अगस्त, सुबह 9:09 – 27 अगस्त, रात 9:33
सूर्योदय / सूर्यास्त
सुबह 5:57 / शाम 6:47
राहु काल (इस दिन)
सुबह 10:46 – दोपहर 12:22

रक्षा बंधन उस दिन मनाया जाता है जब सूर्योदय के समय सावन पूर्णिमा हो। राखी बाँधने में सबसे ज़रूरी बात है भद्रा से बचना। भद्रा पंचांग का एक करण है, जिसे विष्टि भी कहते हैं, और इसे शुभ कामों के लिए ठीक नहीं माना जाता। भद्रा खत्म होने के बाद, खासकर दोपहर बाद के अपराह्न काल में राखी बाँधना सबसे अच्छा माना गया है। अगर अपराह्न में भद्रा हो, तो शाम के प्रदोष काल में राखी बाँधी जाती है।

रक्षा बंधन 2027: तारीख़ और मुहूर्त (दिल्ली)

मंगलवार, 17 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा इस दिन सूर्योदय के समय मौजूद है (उदया तिथि)।

तिथि
16 अगस्त, सुबह 10:29 – 17 अगस्त, दोपहर 12:58
राखी बाँधने का समय (पूर्णिमा में, भद्रा छोड़कर)
सुबह 5:51 – दोपहर 12:58

भद्रा सूर्योदय से पहले ख़त्म हो गई।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): सुबह 5:51 – रात 9:10

अपराह्न में राखी (सबसे उत्तम मानी गई)
नहीं बनता

अपराह्न तक पूर्णिमा नहीं रहती (या भद्रा है)।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): दोपहर 1:44 – शाम 4:21

प्रदोष काल में राखी
नहीं बनता

प्रदोष काल में पूर्णिमा नहीं है।

पूरा काल (तिथि से काटने से पहले): शाम 6:59 – रात 9:10

भद्रा
16 अगस्त, सुबह 10:29 – 16 अगस्त, रात 11:45
सूर्योदय / सूर्यास्त
सुबह 5:51 / शाम 6:59
राहु काल (इस दिन)
दोपहर 3:42 – शाम 5:21

रक्षा बंधन की शुभकामनाएँ

कच्चे धागे में बँधा पक्का रिश्ता हर साल और गहरा होता जाए। रक्षा बंधन की ढेर सारी शुभकामनाएँ।
यह संदेश WhatsApp पर भेजें

और शुभकामना संदेश जल्द इसी जगह जोड़े जाएँगे।

संबंधित त्योहार और सूचियाँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राखी बाँधने का सबसे अच्छा समय कौन-सा होता है?

पंचांग के अनुसार राखी भद्रा खत्म होने के बाद बाँधनी चाहिए। सबसे अच्छा समय अपराह्न काल माना जाता है, यानी दोपहर के बाद का वह हिस्सा जो दिन को पाँच बराबर भागों में बाँटने पर चौथा भाग बनता है। अगर उस समय भद्रा चल रही हो, तो शाम के प्रदोष काल में राखी बाँधी जाती है। शुभकाल पर दिया गया समय दिल्ली का है; दूसरे शहर के लिए स्थानीय पंचांग से मिलान करें।

भद्रा में राखी क्यों नहीं बाँधते?

भद्रा पंचांग का विष्टि करण है, जिसे शुभ कामों की शुरुआत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। लोक मान्यता है कि शूर्पणखा ने रावण को भद्रा काल में राखी बाँधी थी, जिसके बाद उसका विनाश हुआ। इसलिए ज़्यादातर परिवार भद्रा के समय राखी नहीं बाँधते और उसके खत्म होने का इंतज़ार करते हैं। कुछ परंपराओं में पाताल की भद्रा को कम दोष वाला माना जाता है।

क्या बहन भाई के अलावा किसी और को राखी बाँध सकती है?

हाँ, बिल्कुल। राखी रक्षा और स्नेह का धागा है, इसलिए बहनें मुँहबोले भाई, चचेरे-ममेरे भाइयों और भाभी को भी राखी बाँधती हैं। कई घरों में बहनें एक-दूसरे को राखी बाँधती हैं। लोग पेड़ों, सैनिकों और गुरुओं को भी राखी बाँधते हैं। पुरानी परंपरा में पुरोहित अपने यजमानों को रक्षा सूत्र बाँधते थे, जो आज भी कई घरों में होता है।

रक्षा बंधन की थाली में क्या-क्या रखें?

थाली में राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत यानी साबुत चावल, घी का दीया, मिठाई और एक छोटे लोटे में जल रखा जाता है। कुछ परिवार नारियल, सुपारी और फूल भी रखते हैं। पहली राखी अक्सर घर के मंदिर में भगवान को चढ़ाई जाती है। कई घरों में भाई के लिए एक छोटा रूमाल भी रखा जाता है, जिसे तिलक के समय उसके सिर पर रखते हैं।

विदेश में रहने वाले भाई को राखी कैसे भेजें और कब बाँधें?

विदेश राखी भेजनी हो तो डाक से दो-तीन हफ़्ते पहले भेज देना ठीक रहता है, क्योंकि त्योहार के आसपास डाक धीमी हो जाती है। भाई को अपने शहर के समय के हिसाब से भद्रा खत्म होने के बाद राखी बाँधनी चाहिए, क्योंकि भारत और विदेश में यह समय अलग पड़ता है। अगर बाँधने वाला कोई न हो, तो भाई खुद राखी बाँध सकता है और बहन फ़ोन पर तिलक-आरती की रस्म निभा सकती है।

राखी कितने दिन बाद उतारनी चाहिए?

इसका कोई एक नियम नहीं है और अलग-अलग परिवारों में अलग चलन है। कई लोग जन्माष्टमी तक राखी पहने रहते हैं, कुछ पितृपक्ष शुरू होने से पहले उतार देते हैं, और कुछ लोग कुछ दिनों बाद ही उतार लेते हैं। उतारी हुई राखी को कूड़े में फेंकने के बजाय किसी पेड़ पर बाँध देना या बहते पानी में प्रवाहित करना अच्छा माना जाता है।

संबंधित टूल्स