सीधा जवाब
दिसंबर 2027 में मार्गशीर्ष – पौष मास है। इस महीने 2 एकादशी, 1 पूर्णिमा, 1 अमावस्या और 0 बड़े त्योहार हैं।
- 1शु. तृतीया
- 2शु. चतुर्थी
- 3शु. पंचमी
- 4शु. षष्ठी
- 5शु. सप्तमी
- 6शु. अष्टमी
- 7शु. नवमी
- 8शु. दशमी
- 9शु. एकादशी
- 10शु. द्वादशी
- 11शु. त्रयोदशी
- 12शु. चतुर्दशी
- 13शु. पूर्णिमा
- 14कृ. प्रतिपदा
- 15कृ. द्वितीया
- 16कृ. तृतीया
- 17कृ. चतुर्थी
- 18कृ. पंचमी
- 19कृ. सप्तमी
- 20कृ. अष्टमी
- 21कृ. नवमी
- 22कृ. दशमी
- 23कृ. एकादशी
- 24कृ. द्वादशी
- 25कृ. त्रयोदशी
- 26कृ. चतुर्दशी
- 27कृ. अमावस्या
- 28शु. प्रतिपदा
- 29शु. द्वितीया
- 30शु. तृतीया
- 31शु. तृतीया
- त्योहार
- एकादशी
- पूर्णिमा
- अमावस्या
- प्रदोष
- संकष्टी
दिसंबर 2027 के व्रत और त्योहार
- 9 दिसंबर, गुरुवारमोक्षदा एकादशी
- 11 दिसंबर, शनिवारप्रदोष
- 13 दिसंबर, सोमवारपूर्णिमा
- 16 दिसंबर, गुरुवारसंकष्टी
- 23 दिसंबर, गुरुवारसफला एकादशी
- 25 दिसंबर, शनिवारप्रदोष
- 27 दिसंबर, सोमवारअमावस्या
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिसंबर 2027 में एकादशी कब है?
दिसंबर 2027 में एकादशी 9 दिसंबर (मोक्षदा एकादशी), 23 दिसंबर (सफला एकादशी) को है। एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। तिथि के शुरू और ख़त्म होने का पूरा समय एकादशी की सालाना सूची में दिया गया है।
दिसंबर 2027 में पूर्णिमा कब है?
दिसंबर 2027 में पूर्णिमा 13 दिसंबर को है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा, स्नान और दान की परंपरा है। कुछ परिवार पूर्णिमा का व्रत एक दिन पहले शाम को रखते हैं, जब पूर्णिमा चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाए।
दिसंबर 2027 में अमावस्या कब है?
दिसंबर 2027 में अमावस्या 27 दिसंबर को है। अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और दान किया जाता है। सोमवार की अमावस्या को सोमवती और शनिवार की अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं।
दिसंबर 2027 में प्रदोष व्रत कब है?
दिसंबर 2027 में प्रदोष व्रत 11 दिसंबर, 25 दिसंबर को है। प्रदोष उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि शाम के प्रदोष काल में हो। इस व्रत में शाम को भगवान शिव की पूजा की जाती है।
दिसंबर 2027 में कौन से त्योहार हैं?
दिसंबर 2027 में हमारी 21 बड़े त्योहारों की सूची में से कोई त्योहार नहीं है, पर एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और प्रदोष जैसे व्रत ऊपर कैलेंडर में दिखाए गए हैं।
दिसंबर 2027 में कौन सा हिंदू महीना है?
उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से दिसंबर 2027 में मार्गशीर्ष – पौष मास है। पूर्णिमांत में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, जबकि अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत) में अमावस्या के बाद, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम एक महीना अलग होते हैं।