सीधा जवाब
जुलाई 2027 में आषाढ़ – श्रावण मास है। इस महीने 2 एकादशी, 0 पूर्णिमा, 1 अमावस्या और 1 बड़े त्योहार हैं।
- 1कृ. द्वादशी
- 2कृ. त्रयोदशी
- 3कृ. चतुर्दशी
- 4कृ. अमावस्या
- 5शु. द्वितीया
- 6शु. तृतीया
- 7शु. चतुर्थी
- 8शु. पंचमी
- 9शु. षष्ठी
- 10शु. सप्तमी
- 11शु. अष्टमी
- 12शु. नवमी
- 13शु. दशमी
- 14शु. एकादशी
- 15शु. द्वादशी
- 16शु. त्रयोदशी
- 17शु. चतुर्दशी
- 18शु. पूर्णिमा
- 19कृ. प्रतिपदा
- 20कृ. द्वितीया
- 21कृ. तृतीया
- 22कृ. चतुर्थी
- 23कृ. चतुर्थी
- 24कृ. पंचमी
- 25कृ. षष्ठी
- 26कृ. सप्तमी
- 27कृ. अष्टमी
- 28कृ. नवमी
- 29कृ. दशमी
- 30कृ. द्वादशी
- 31कृ. त्रयोदशी
- त्योहार
- एकादशी
- पूर्णिमा
- अमावस्या
- प्रदोष
- संकष्टी
जुलाई 2027 के व्रत और त्योहार
- 1 जुलाई, गुरुवारप्रदोष
- 4 जुलाई, रविवारअमावस्या
- 14 जुलाई, बुधवारदेवशयनी एकादशी
- 15 जुलाई, गुरुवारप्रदोष
- 18 जुलाई, रविवारगुरु पूर्णिमा
- 22 जुलाई, गुरुवारसंकष्टी
- 29 जुलाई, गुरुवारकामिका एकादशी
- 31 जुलाई, शनिवारप्रदोष
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जुलाई 2027 में एकादशी कब है?
जुलाई 2027 में एकादशी 14 जुलाई (देवशयनी एकादशी), 29 जुलाई (कामिका एकादशी) को है। एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। तिथि के शुरू और ख़त्म होने का पूरा समय एकादशी की सालाना सूची में दिया गया है।
जुलाई 2027 में पूर्णिमा कब है?
जुलाई 2027 में पूर्णिमा इस महीने नहीं को है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा, स्नान और दान की परंपरा है। कुछ परिवार पूर्णिमा का व्रत एक दिन पहले शाम को रखते हैं, जब पूर्णिमा चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाए।
जुलाई 2027 में अमावस्या कब है?
जुलाई 2027 में अमावस्या 4 जुलाई को है। अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और दान किया जाता है। सोमवार की अमावस्या को सोमवती और शनिवार की अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं।
जुलाई 2027 में प्रदोष व्रत कब है?
जुलाई 2027 में प्रदोष व्रत 1 जुलाई, 15 जुलाई, 31 जुलाई को है। प्रदोष उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि शाम के प्रदोष काल में हो। इस व्रत में शाम को भगवान शिव की पूजा की जाती है।
जुलाई 2027 में कौन से त्योहार हैं?
जुलाई 2027 में 18 जुलाई (गुरु पूर्णिमा) पड़ते हैं। हर त्योहार के पेज पर उसकी तारीख़, तिथि का समय, मुहूर्त और पूजा की जानकारी दी गई है।
जुलाई 2027 में कौन सा हिंदू महीना है?
उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से जुलाई 2027 में आषाढ़ – श्रावण मास है। पूर्णिमांत में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, जबकि अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत) में अमावस्या के बाद, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम एक महीना अलग होते हैं।