सीधा जवाब
जून 2027 में ज्येष्ठ – आषाढ़ मास है। इस महीने 3 एकादशी, 1 पूर्णिमा, 1 अमावस्या और 0 बड़े त्योहार हैं।
- 1कृ. एकादशी
- 2कृ. द्वादशी
- 3कृ. त्रयोदशी
- 4कृ. अमावस्या
- 5शु. प्रतिपदा
- 6शु. द्वितीया
- 7शु. तृतीया
- 8शु. चतुर्थी
- 9शु. पंचमी
- 10शु. षष्ठी
- 11शु. अष्टमी
- 12शु. नवमी
- 13शु. दशमी
- 14शु. एकादशी
- 15शु. द्वादशी
- 16शु. त्रयोदशी
- 17शु. चतुर्दशी
- 18शु. पूर्णिमा
- 19शु. पूर्णिमा
- 20कृ. प्रतिपदा
- 21कृ. द्वितीया
- 22कृ. तृतीया
- 23कृ. चतुर्थी
- 24कृ. पंचमी
- 25कृ. षष्ठी
- 26कृ. सप्तमी
- 27कृ. अष्टमी
- 28कृ. नवमी
- 29कृ. दशमी
- 30कृ. एकादशी
- त्योहार
- एकादशी
- पूर्णिमा
- अमावस्या
- प्रदोष
- संकष्टी
जून 2027 के व्रत और त्योहार
- 1 जून, मंगलवारअपरा एकादशी
- 2 जून, बुधवारप्रदोष
- 4 जून, शुक्रवारअमावस्या
- 14 जून, सोमवारनिर्जला एकादशी
- 16 जून, बुधवारप्रदोष
- 18 जून, शुक्रवारपूर्णिमा
- 22 जून, मंगलवारसंकष्टी
- 30 जून, बुधवारयोगिनी एकादशी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जून 2027 में एकादशी कब है?
जून 2027 में एकादशी 1 जून (अपरा एकादशी), 14 जून (निर्जला एकादशी), 30 जून (योगिनी एकादशी) को है। एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। तिथि के शुरू और ख़त्म होने का पूरा समय एकादशी की सालाना सूची में दिया गया है।
जून 2027 में पूर्णिमा कब है?
जून 2027 में पूर्णिमा 18 जून को है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा, स्नान और दान की परंपरा है। कुछ परिवार पूर्णिमा का व्रत एक दिन पहले शाम को रखते हैं, जब पूर्णिमा चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाए।
जून 2027 में अमावस्या कब है?
जून 2027 में अमावस्या 4 जून को है। अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और दान किया जाता है। सोमवार की अमावस्या को सोमवती और शनिवार की अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं।
जून 2027 में प्रदोष व्रत कब है?
जून 2027 में प्रदोष व्रत 2 जून, 16 जून को है। प्रदोष उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि शाम के प्रदोष काल में हो। इस व्रत में शाम को भगवान शिव की पूजा की जाती है।
जून 2027 में कौन से त्योहार हैं?
जून 2027 में हमारी 21 बड़े त्योहारों की सूची में से कोई त्योहार नहीं है, पर एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और प्रदोष जैसे व्रत ऊपर कैलेंडर में दिखाए गए हैं।
जून 2027 में कौन सा हिंदू महीना है?
उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से जून 2027 में ज्येष्ठ – आषाढ़ मास है। पूर्णिमांत में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, जबकि अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत) में अमावस्या के बाद, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम एक महीना अलग होते हैं।