सीधा जवाब
मार्च 2027 में फाल्गुन – चैत्र मास है। इस महीने 2 एकादशी, 1 पूर्णिमा, 1 अमावस्या और 2 बड़े त्योहार हैं।
- 1कृ. नवमी
- 2कृ. दशमी
- 3कृ. एकादशी
- 4कृ. एकादशी
- 5कृ. द्वादशी
- 6कृ. त्रयोदशी
- 7कृ. चतुर्दशी
- 8कृ. अमावस्या
- 9शु. प्रतिपदा
- 10शु. द्वितीया
- 11शु. तृतीया
- 12शु. चतुर्थी
- 13शु. पंचमी
- 14शु. षष्ठी
- 15शु. सप्तमी
- 16शु. अष्टमी
- 17शु. नवमी
- 18शु. एकादशी
- 19शु. द्वादशी
- 20शु. त्रयोदशी
- 21शु. चतुर्दशी
- 22शु. पूर्णिमा
- 23कृ. प्रतिपदा
- 24कृ. द्वितीया
- 25कृ. तृतीया
- 26कृ. चतुर्थी
- 27कृ. पंचमी
- 28कृ. षष्ठी
- 29कृ. सप्तमी
- 30कृ. अष्टमी
- 31कृ. नवमी
- त्योहार
- एकादशी
- पूर्णिमा
- अमावस्या
- प्रदोष
- संकष्टी
मार्च 2027 के व्रत और त्योहार
- 4 मार्च, गुरुवारविजया एकादशी
- 5 मार्च, शुक्रवारप्रदोष
- 6 मार्च, शनिवारमहाशिवरात्रि
- 8 मार्च, सोमवारअमावस्या
- 18 मार्च, गुरुवारआमलकी एकादशी
- 20 मार्च, शनिवारप्रदोष
- 22 मार्च, सोमवारपूर्णिमा
- 23 मार्च, मंगलवारहोली
- 25 मार्च, गुरुवारसंकष्टी
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मार्च 2027 में एकादशी कब है?
मार्च 2027 में एकादशी 4 मार्च (विजया एकादशी), 18 मार्च (आमलकी एकादशी) को है। एकादशी उस दिन रखी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। तिथि के शुरू और ख़त्म होने का पूरा समय एकादशी की सालाना सूची में दिया गया है।
मार्च 2027 में पूर्णिमा कब है?
मार्च 2027 में पूर्णिमा 22 मार्च को है। पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा, स्नान और दान की परंपरा है। कुछ परिवार पूर्णिमा का व्रत एक दिन पहले शाम को रखते हैं, जब पूर्णिमा चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाए।
मार्च 2027 में अमावस्या कब है?
मार्च 2027 में अमावस्या 8 मार्च को है। अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण और दान किया जाता है। सोमवार की अमावस्या को सोमवती और शनिवार की अमावस्या को शनि अमावस्या कहते हैं।
मार्च 2027 में प्रदोष व्रत कब है?
मार्च 2027 में प्रदोष व्रत 5 मार्च, 20 मार्च को है। प्रदोष उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि शाम के प्रदोष काल में हो। इस व्रत में शाम को भगवान शिव की पूजा की जाती है।
मार्च 2027 में कौन से त्योहार हैं?
मार्च 2027 में 6 मार्च (महाशिवरात्रि), 23 मार्च (होली) पड़ते हैं। हर त्योहार के पेज पर उसकी तारीख़, तिथि का समय, मुहूर्त और पूजा की जानकारी दी गई है।
मार्च 2027 में कौन सा हिंदू महीना है?
उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना से मार्च 2027 में फाल्गुन – चैत्र मास है। पूर्णिमांत में महीना पूर्णिमा के बाद बदलता है, जबकि अमांत (दक्षिण और पश्चिम भारत) में अमावस्या के बाद, इसलिए कृष्ण पक्ष में दोनों के नाम एक महीना अलग होते हैं।