छुट्टियाँ 2027: उत्तर प्रदेश
सीधा जवाब
2027 में उत्तर प्रदेश की सूची में 26 अवसर हैं, जो 25 अलग-अलग तारीख़ों पर पड़ते हैं (एक ही दिन दो अवसर हों तो छुट्टी एक ही दिन की होती है)। इनमें से 9 तारीख़ें शनिवार या रविवार को हैं। अगली छुट्टी गुरु गोविंद सिंह जयंती (15 जनवरी 2027) है। यह सूची अभी अस्थायी है।
राज्य सरकार ने 2027 की आधिकारिक सूची जारी करने पर तारीख़ें बदल सकती हैं। यह सूची राज्य के गज़ट या अपने दफ़्तर की अधिसूचना से ज़रूर मिलाएँ। त्योहारों की तारीख़ें दिल्ली के पंचांग से निकाली गई हैं।
यह पेज केंद्र सरकार की राजपत्रित छुट्टियों की सूची और कुछ चुने हुए राज्यों, यानी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान, की छुट्टियों की सूची एक साथ दिखाता है। लोग यह सूची इसलिए देखते हैं ताकि लगातार पड़ने वाली छुट्टियों, घर जाने की यात्रा, शादी-ब्याह और परिवार के कार्यक्रम पहले से तय कर सकें। सरकारी दफ़्तरों में काम करने वालों, बैंक जाने वालों और बच्चों के माता-पिता के लिए भी यह जानकारी काम की है। तालिका में हर छुट्टी का नाम और दिन दिया गया है। ध्यान रखें कि राज्य सरकारें अपनी सूची आमतौर पर पिछले साल के आखिर में जारी करती हैं और बाद में उसमें बदलाव भी हो सकता है। इसलिए पक्की जानकारी के लिए सरकारी राजपत्र या अपने दफ़्तर की सूचना ज़रूर देखें।
उत्तर प्रदेश: 2027 की छुट्टियाँ
| तारीख़ | अवसर | कैलेंडर |
|---|---|---|
| 15 जनवरीशुक्रवार | गुरु गोविंद सिंह जयंतीअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 26 जनवरीमंगलवार | गणतंत्र दिवसकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 20 फ़रवरीशनिवार | संत रविदास जयंतीअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 6 मार्चशनिवार | महाशिवरात्रिअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 10 मार्चबुधवार | ईद-उल-फ़ित्रकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 22 मार्चसोमवार | होलिका दहनअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 23 मार्चमंगलवार | होलीकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 26 मार्चशुक्रवार | गुड फ्राइडेकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 14 अप्रैलबुधवार | डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंतीतय तारीख़ | कैलेंडर |
| 15 अप्रैलगुरुवार | राम नवमीकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 19 अप्रैलसोमवार | महावीर जयंतीकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 17 मईसोमवार | ईद-उल-ज़ुहा (बकरीद)केंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 20 मईगुरुवार | बुद्ध पूर्णिमाकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 16 जूनबुधवार | मुहर्रमकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 15 अगस्तरविवार | स्वतंत्रता दिवसकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 15 अगस्तरविवार | ईद-ए-मिलादअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 17 अगस्तमंगलवार | रक्षा बंधनअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 24 अगस्तमंगलवार | जन्माष्टमीअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 2 अक्टूबरशनिवार | महात्मा गांधी जयंतीकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 9 अक्टूबरशनिवार | दशहराकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 29 अक्टूबरशुक्रवार | दीपावलीकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 30 अक्टूबरशनिवार | गोवर्धन पूजाअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 31 अक्टूबररविवार | भैया दूजअनुमान: दिल्ली पंचांग से, सरकारी तारीख़ नहीं | कैलेंडर |
| 14 नवंबररविवार | गुरु नानक जयंती / कार्तिक पूर्णिमाकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
| 23 दिसंबरगुरुवार | चौधरी चरण सिंह जयंतीतय तारीख़ | कैलेंडर |
| 25 दिसंबरशनिवार | क्रिसमसकेंद्र की सूची से | कैलेंडर |
राज्यों की सूची
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केंद्र सरकार की छुट्टियों की सूची कौन जारी करता है?
केंद्र सरकार के दफ़्तरों की छुट्टियों की सूची कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, जिसे डीओपीटी कहते हैं, हर साल पहले से जारी करता है। इसमें कुछ अनिवार्य छुट्टियां होती हैं जो पूरे देश में एक जैसी रहती हैं, और कुछ छुट्टियां एक लंबी सूची में से चुनी जाती हैं। दिल्ली से बाहर के दफ़्तरों के लिए ये चुनी हुई छुट्टियां राज्य की राजधानियों में बनी समन्वय समितियां तय करती हैं।
राजपत्रित अवकाश और प्रतिबंधित अवकाश में क्या अंतर है?
राजपत्रित अवकाश वह छुट्टी है जिस दिन सरकारी दफ़्तर सबके लिए बंद रहते हैं। प्रतिबंधित अवकाश की एक अलग सूची होती है, जिसमें से कर्मचारी अपनी पसंद की कुछ छुट्टियां ले सकते हैं, जबकि दफ़्तर खुला रहता है। इसमें कई क्षेत्रीय और धार्मिक त्योहार शामिल होते हैं, ताकि हर कोई अपने त्योहार पर छुट्टी ले सके। कितनी प्रतिबंधित छुट्टियां मिलेंगी, यह आपके विभाग के नियम पर निर्भर है।
राज्यों की छुट्टियां केंद्र से अलग क्यों होती हैं?
हर राज्य सरकार अपने यहां के त्योहारों, महापुरुषों की जयंती और स्थानीय परंपराओं के हिसाब से अपनी छुट्टियों की सूची बनाती है। जैसे बिहार में छठ पूजा की लंबी छुट्टी होती है, जबकि केंद्र की सूची में यह नहीं होती। राज्य सरकार के दफ़्तर, स्कूल और कई बार बैंक भी राज्य की सूची मानते हैं। इसलिए एक ही त्योहार पर अलग-अलग राज्यों में छुट्टी का दिन अलग हो सकता है।
ईद और मुहर्रम की छुट्टी की तारीख बदल क्यों जाती है?
इस्लामी त्योहार चांद दिखने पर तय होते हैं, इसलिए सूची में दी गई तारीख पहले से किया गया अनुमान होती है। अगर चांद एक दिन पहले या बाद में दिखे, तो सरकार अक्सर नई अधिसूचना जारी करके छुट्टी का दिन बदल देती है। यह बदलाव कई बार त्योहार से एक-दो दिन पहले ही होता है। इसलिए ईद, बकरीद या मुहर्रम के आसपास अपने दफ़्तर या स्थानीय प्रशासन की ताज़ा सूचना ज़रूर देखें।
बैंक की छुट्टियां किस सूची से तय होती हैं?
बैंकों की छुट्टियां सरकारी दफ़्तरों की सूची से थोड़ी अलग होती हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक हर राज्य के लिए अलग से बैंक छुट्टियों की सूची जारी करता है, इसलिए एक ही दिन किसी राज्य में बैंक बंद और दूसरे में खुले हो सकते हैं। इसके अलावा महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को बैंक बंद रहते हैं। बैंक जाने से पहले अपनी शाखा या रिज़र्व बैंक की सूची देख लें।
क्या स्कूल और निजी दफ़्तरों में भी यही छुट्टियां होती हैं?
पूरी तरह नहीं। स्कूलों की छुट्टियां राज्य का शिक्षा विभाग, बोर्ड या खुद स्कूल तय करता है, और उनमें गर्मी व सर्दी की छुट्टियां भी जुड़ी होती हैं। निजी कंपनियां अपनी नीति के हिसाब से छुट्टियां देती हैं, हालांकि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती जैसी राष्ट्रीय छुट्टियां लगभग हर जगह मिलती हैं। अपने स्कूल या दफ़्तर का कैलेंडर ज़रूर देखें।